Sam Bahadur Review & Movie details
कोई ग़लत काम ना करने वाले भारतीय युद्ध नायक Sam Manekshaw उर्फ़ Sam bahadur. Sam bahadur एक दिलेर युद्ध नायक के बारे में जानने का ज़रिया है। Meghna Gulzar जो कि इस पिक्चर की निर्देशक हैं उन्होंने बख़ूबी ही एक भारतीय सेना अधिकारी का देश के प्रति प्यार और उनके साहस को दर्शाया है ।

Sam bahadur Review पिक्चर के बारे में
Sam Bahadur Review : Sam Bahadur यह नाम है एक दिसंबर को Vicky kaushal की release हुई फ़िल्म का । यह फ़िल्म देश के पहले Field Marshal Sam Manekshaw की ज़िंदगी पर आधारित है। शुरुआत sam bahadur के बचपन के उस दौर से होती है जब पालने में झूल रहे होते हैं माता पिता ने नाम रखा होता है साइरस, लेकिन वे अपने बच्चे के नाम पर चिंतित होते हैं क्योंकि बीती रात इसी नाम का एक चोर मोहल्ले में पकड़ा जाता है इसके बाद sam bahadur को सीधे सैनिक के रूप में दिखाया जाता है जोवर्दी पहने और सीना ताने नज़र आते हैं।अगर आपको लग रहा है कि यह फ़िल्म सेना, राजनीति, युद्ध जैसे विषयों पर है तो थोड़ी बोरिंग होगी हो तो ये आपकी ग़लतफ़हमी है युद्ध जैसे हालातों के बीच भी इस फ़िल्म में कई ऐसे मौक़े आते हैं जब आप खुलकर हँसते हैं और फ़िल्म देखते हुए आप ये अनुमान लगा सकते हैं कि Sam Manekshaw का Sense of Humour कितना कमाल का रहा होगा ।यह फ़िल्म Sam Bahadur की जीवनी के ऐसे ऐसे क़िस्सा को दर्शाती है जो फ़िल्म को रोमांचक बनाते है । जब वह Machine gun की गोली सीने पर मारता है तो कोई सोच ही नहीं सकता कि वह बच पाएगा और जब डॉक्टर पूछता है गोली कैस गली तो उस पर सैम बहादुर का जवाब देते है कि उन्हें एक खच्चर ने लात मार दी थी ।इसी तरह बर्मा युद्ध के दौरान शरीर में नौ गोलियां लगने के बाद भी उनके चेहरे पर मुस्कान रहती है। इस फ़िल्म में सेना के जवान की ज़िंदादिली को भी दिखाया गया है ।

कौन थे Sam bahadur उर्फ़ Sam Manekshah
Sam Bahadur एक ऐसे सैनिक हैं जो परिवर्तन के कुछ असाधारण दौर से गुज़रे है । उनका पूरा परिचय ये हैं कि पाकिस्तान से पूर्व पाकिस्तान को अलग कर Bangladesh की स्थापना करवाने और भारत को मज़बूत बनाने में इंदिरा गांधी के साथ साथ उनकी अहम भूमिका रही है । Indira gandhi ने राजनीतिक स्तर पर मज़बूत निर्णय लिया तो Sam Manekshaw ने सेना के सबसे काबिल अफ़सर के रूप में इंदिरा गांधी के इन निर्णय को सफल कर इतिहास रच दिया । दूसरा विश्व युद्ध, 1962 के भरत चाइना युद्ध से लेकर अपने चालीस वर्ष के सेवाकाल में उन्होंने कई बड़ी लड़ाइयों में देश को जीत दिलायी और कई बार तो युद्ध शुरू होने से पहले ही पर्चे पर लिखकर बता दिया कि यह जंग कब शुरू होगी । 1971 के युद्ध से पहले भी उन्होंने कई मौकों पर वीरता का पर्चे दिया और इतिहास में वह Field Marshal के पद पर आमंत्रित होने वाले पहले भारतीय सेना अधिकारी बने ।
एक्टर Vicky kaushal का Sam Bahadur में अभिनय
इस film में sam bahadur का किरदार Vicky kaushal ने अदा किया है । यह film को Vicky Kaushal की बेहतरीन अदाकारिओं में से एक है । उन्होंने कमाल का अभिनय किया है। sam मानेकशॉ के किरदार में पूरी तरह से डूब गए हैं । सैनिक अधिकारी वाला रोब, दूरदर्शिता, निर्णय, क्षमता, चाल ढाल और बातचीत करने का अंदाज़ हर मामले में Vicky kaushal ने करिश्मा दिखाया है । पर्दे पर उन्हें देख कर ये अंदाज़ा लगाया जा सकता है कि इस किरदार के लिए उन्होंने कितनी शिद्दत से मेहनत की होगी । उन्होंने अपनी पूरी जान झोंककर सैम मनेक्शा की भूमिका को निभाया है, बिलकुल वैसे जैसे मनेक्शा ने जान झोंककर देश के गौरव को बचाया।
Vicky Kaushal की कला का एक छोटा सा नमूना (click here)
क्यों जाये ये फ़िल्म देखने –
Sam Bahadur फ़िल्म एक ऐसे बहादुर की कहानी है जिनका नाम हमारे भारत के इतिहास में सुनहरी अक्षरों में लिखा गया है। यह फ़िल्म हमारे भारत देश के अतीत को लेकर आपकी जानकारी और बढ़ाएंगी और आप गर्व महसूस करेंगे कि आप कितने महान देश का हिस्सा है। यह फ़िल्म पूरी तरह पारिवारिक फ़िल्म है परिवार के साथ देखने जाने लायक फ़िल्म है और बच्चों को एक युद्ध नायक के बारे में बताने का बेहतरीन मौक़ा है जिससे की बच्चे फ़िल्मी हीरो और असल हीरो में अंतर जान सकें।
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