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Junior Mehmood नहीं रहे अब इस दुनिया में ।

इस दुनिया में नहीं रहे Junior Mehmood

Junior Mehmood

Junior Mehmood  के नाम से मशहूर अभिनेता नईम सैय्यद हमारे बीच नहीं रहे उनका 68 साल की उम्र में पेट के कैंसर से निधन हो गया| कारवां, मेरा नाम जोकर, हाथी मेरे साथी जैसिमबाडी फिल्मो में अपनी भूमिका के लिए जाने जाने वले अभिनेता Junior Mehmood का 8 दिसंबर को पेट के कैंसर से लड़ते हुए निधन हो गया| उनके बेटे हसनैन सैय्यद ने खुद इस बात की पुष्टि की है|

बेटे ने बताया Junior Mehmood के आखरी समय के बारे में

Junior mehmood के बेटे ने बहुत ही अफ़सोस से बताया है की पिछले काफी समय से वो बीमार थे लेकिन पिछले कुश 17 दिनों से उनकी हालत कुश ज़्यादा ही गंभीर बानी हुई थी| उनके छोटे बेटे ने बताया की पिछले एक महीने  में उनका वज़न 35-40 किलो तक काम हो गया था लेकिन इतनी तकलीफ होते हुए भी वो आखरी सांस तक झूझते रहे|

 कैसे बिगड़ा स्वस्थ –

करीबी दोस्त सलाम काजी ने बताया कि PTI को Junior Mehmood ने शुरू में सिर्फ पेट के दर्द का इलाज कराने कि मांग कि थी। बीते समय के साथ सेहत में कोयो सुधार न आने के कारण परिवार वालो ने उन्हें हॉस्पटल में भर्ती करवा दिया| हॉस्पिटल में भर्ती होने के बाद पता चला कि उन्हें फेफड़े और गुर्दे कि कैंसर कि साथ साथ पेट में ट्यूमर और पीलिए भी है|

बॉलीवुड की नामी हस्तियों ने अपने दोस्त को दी आखिरी विदाई

बॉलीवुड कॉमेडियन जिहनी लिवर ने बड़े ही  भावुक हो क बताया के उन्होंने एक दोस्त, एक भाई खोया है| हमारा फॅमिली रिलेशन  भी बोहत बढ़िया था यहाँ तक की हमारे बच्चे भी एक साथ खेलते हुए ही बड़े हुए है और उनका यह रिश्ता 58 सालो सा चला आरहा है| जोहनी लिवर ने बताया के मेहमूद साहब हमारे सीनियर थे लेकिन उन्होंने कभी जताया नहीं बल्कि  इतना प्यार करते थे वो सब को| जोहनी लिवीर के साथ साथ जावेद जफ्फेरी, सुनील पाल, अली असगर जैसे बॉलीवुड सितारे भी उनकी अंतिम यात्रा में शामिल हुए|

Junior Mehmood की जीवनी– 

मुंबई में  जन्मे एक रेलवे इंजन ड्राइवर के बेटे Juniour mehmood पहली बार जितेंद्र की ( सुहाग  रात ) में देखा गया था| इन्होने अपनी जीवनी  में 7 भाषाओ में करीब 150 से ज़्यादा फिल्में की है | फिल्म के मैं कॉमेडियन Junior Mehmood ही थे, जिन्होंने बाल  कलाकार को अपने अधीन कर लिया और उन्हें बोहोत ही काम उम्र में इतनी बड़ी अदाकारी को देखकर उन्हें जूनियर मेहमूद नाम मिला|

यह युवा कलाकार अपनी समझ, अपने टैलेंट और तेज़ कॉमेडी तिमिंग के  कारन बोहोत ही काम समय में एक अलग पहचान बनाने में कामयाब हुआ| शम्मी कपूर की ‘ ब्रह्मचारी ‘ में दर्शको को उनसे प्यार हो गया जहा उन्होंने 1965 में फिल्म ‘ गुमनाम ‘ में अपने उस्ताद के प्रसिद्ध लुंगी डांस , हम काले है तो क्या हुआ दिलवाले है की नक़ल की और उसे दोहराया।

2012 में दिए एक इंटरव्यू में मेहमूद साहब ने बताया की कैसे फिल्म निर्देशक भप्पी सोनी उन्हें एक दुर्गा पूजन में मिले| उन्होंने बताया जब उनकी निर्देशक भप्पी सोनी से मुलाकात हुई तो वो किसी गाने पे नाचने में मगन थे| समारोह में डांस करता हुआ देख युवा अभिनेता को अपनी लुंगी बनियान और म्यूजिक सिस्टम कारदार स्टूडियो में आने और अपनी परफॉरमेंस दिखाने को कहा था|

शम्मी कपूर के लिए उनकी होटस्टेप्प्पिंग चालें सभी  को उनका फैन  बना गयी और ऐसे उन्हें सचिन भौमिक की फिल्म में उन्हें काम मिला| मेहमूद साब ने ये भी बताया की कोई कोरिओग्राफर नहीं था और उन्हें उसी तरह परफॉर्म करने के लिए बोलै गया जैसे उन्होंने दुर्गा पूजन पे परफॉर्म किया था।

वो मेरे कर्रिएर का एक बोहत महत्वपूर्ण मोड़ था| शुक्रवार को 4 शो हुए शनिवार की सुबह तक  मई एक बड़ा सितारा था| समझदार निर्माताओ ने उनकी बॉक्स ऑफिस वैल्यू देखी| अपने कर्रिएर के चरम पर  Junior Mehmood ( जोएम ) गीत और उनके डांस को पिक्चर में भी दर्शाया जाने लगा। मेहमूद साहब एक फिल्म के लिए 1 लाख रुपये लेते थे जो उन दिनों एक बाल कलाकार के लिए बोहत बड़ी राशि थी| आज मेहमूद साहब हमारे बीच नहीं है लेकिन उनकी यादें और उनकी कलाकारी हमेशा हमारे दिल में रहेगी| 

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